देहरादूनः नदी में मिला युवक का शव देहरादून में एक युवक का शव मिलने सनसनी है। युवक की पहचान प्रवीण भंडारी (20 वर्ष) नाम से हुई है। मृतक देहरादून के शेरा गांव का रहने वाला था। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। Previous Post छावनी परिषद गढ़ी कैंट में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने किया वृक्षारोपण हर व्यक्ति एक पेड़ लगाने को अपना कर्तव्य समझेः त्रिवेंद्र Next Post सनसनीः होटल में मिला आम आदमी पार्टी के नेता के बेटे का शव Related Articles Slider सचिव आपदा प्रबन्धन डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने रविवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र में पहुंचकर औली रोपवे, मनोहरबाग, शंकराचार्य मठ, जेपी कालोनी आदि भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। सचिव आपदा प्रबन्धन डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने रविवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र में पहुंचकर औली रोपवे, मनोहरबाग, शंकराचार्य मठ, जेपी कालोनी आदि भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ भू-वैज्ञानिक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे | सचिव आपदा प्रबंधन ने औली रोपवे तथा शंकराचार्य मठ के निकट के क्षेत्र तथा घरों में पड़ी दरारों का निरीक्षण किया | सचिव डॉ रंजीत कुमार सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मकानों मे पड़ी दरारों तथा भू-धंसाव के पैटर्न रूट की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए | उन्होंने औली रोपवे के टावर पर दरारों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए | डॉ सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को दरारों के पैटर्न तथा बढ़ोतरी की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा | उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान ( एनजीआरआई ) हैदराबाद द्वारा प्रभावित क्षेत्र का भु-भौतिकीय अध्ययन किया जा रहा है | एनजीआरआई अंडर ग्राउंड वाटर चैनल का अध्ययन कर रही है | अध्ययन के पश्चात एनजीआरआई द्वारा जियोफिजिकल तथा हाइड्रोलाॅजिकल मैप भी उपलब्ध कराया जायेगा। यह मैप जोशीमठ के ड्रेनेज प्लान तथा स्टेबलाइजेशन प्लान में काम आएंगे | सचिव आपदा प्रबंधन डॉ रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की दिशा में हम कदम दर कदम आगे बढ़ रहे हैं। प्रभावित लोगों को त्वरित राहत एवं बचाव पहुंचाना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रभावित परिवारों को तात्कालिकता के साथ सुरक्षित स्थानों में भेजा जा रहा है। प्रभावित भवनों के चिन्हीकरण का कार्य निरन्तर जारी है। भूवैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों की टीमें भूधसांव के कारणों की जांच के कार्य में लगी है। प्रशासन प्रभावितों के निरन्तर सम्पर्क में है। राहत शिविरों में उनकी मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सीबीआरआई, आईआईटी रुड़की, वाडिया इन्संटीयूट, जीएसआई, आईआईआरएस तथा एनजीआरआई जोशीमठ में कार्य कर रही है | Slider चुनाव की मतगणना के लिए तैयार हुआ दून प्रशासन Slider श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के उपेक्षित कार्मिकों को मिला सम्मान Slider आधुनिक आउटलेट/कैफे/रेस्टोरेंट निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी Slider पौड़ी से लेकर दून धवल हुई पहाड़ियां Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.