युवा जगत/ शिक्षा

अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन केंद्रों की सतत निगरानी पर जोर

  सीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला सलाहकार समिति की बैठक अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन केंद्रों की सतत निगरानी पर जोर* पौड़ी: जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशों के क्रम में पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 के अंतर्गत जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डॉ. शिव मोहन शुक्ला ने की। बैठक में जनपद के पंजीकृत 32 अल्ट्रासाउंड व इमेजिंग केंद्रों की स्थिति की समीक्षा की गयी। जिला चिकित्सालय पौड़ी में रखी पुरानी सीटी स्कैन मशीन की तकनीकी जांच कर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही एक रेडियोलॉजिस्ट द्वारा एक से अधिक मशीनों के संचालन वाले निजी केंद्रों की नियमित निगरानी का निर्णय लिया गया। समिति द्वारा मधुर नर्सिंग होम श्रीनगर, द हंस फाउंडेशन हॉस्पिटल सत...

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जिलाधिकारी की पहल से बदली स्कूलों की तस्वीर

जिलाधिकारी की पहल से बदली स्कूलों की तस्वीर केंद्रीकृत मासिक मूल्यांकन, ग्रेडिंग और विशेष सुधार योजना से शिक्षा को मिली नयी दिशा पौड़ी: जनपद पौड़ी गढ़वाल में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की पहल अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी है। शिक्षा की गुणवत्ता को परखने और कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के लिए जनपद में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर की मासिक परीक्षाओं का केंद्रीकृत मूल्यांकन एवं विश्लेषण प्रारंभ किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि बोर्ड परीक्षा परिणामों के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया था कि कुछ विद्यालयों में छात्रों के प्रदर्शन में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। इस पर पूर्व में ही मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में शिक्षा सत्र 2025–26 के दौरान कम परीक्षा...

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16 शिविरों में 3891 लोग पहुंचे, योजनाओं से 2141 को मिला लाभ

  जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार: 16 शिविरों में 3891 लोग पहुंचे, योजनाओं से 2141 को मिला लाभ पौड़ी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 17 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक जनपद में कुल 16 बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं रखीं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि इन शिविरों में अब तक कुल 3891 लोगों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 2141 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविरों के दौरान 504 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 309 शिकायतों का मौके पर ही निस...

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215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (पी.ए.सी) एवं 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि अब तक की उनकी परीक्षा केवल शुरुआत थी, असली परीक्षा अब शुरू हो रही है। उन्हें अब प्रदेश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दो अंतरराष्ट्रीय एवं दो आंतरिक सीमाओं से लगा राज्य है। राज्य में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा, स...

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डिजिटल अलर्ट सिस्टम सक्रियः अतिक्रमण पर मिलेगा तुरंत अलर्ट

देहरादून 29 दिसंबर,2025 जिले में सार्वजनिक परिसंपत्तियों के प्रभावी प्रबंधन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में समस्त विभागों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकारी भूमि, भवन, सड़कों, तालाबों, पार्कों सहित अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण और अभिलेखीकरण पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड शीघ्र तैयार करें। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिसंपत्ति का पॉलीगॉन (सीमा निर्धारण) बनाकर उसे निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि परिसंपत्तियों की वास्तविक स्थिति, क्षेत्रफल और लोकेशन स्पष्ट रूप से दर्ज हो सके। सीडीओ ने कहा कि परिसंपत्तियों का सही और अद्यतन डेटा उपलब्ध होने से अतिक्रमण रोकने, रखरखाव की योजना बनाने और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी। उन्होंने अध

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