Slider

विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से सम्बन्धित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में मानकीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन एवं उपभोक्ता हितों से सम्बन्धित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के दौरान निर्धारित प्रोक्योरमेंट रूल्स के साथ-साथ सम्बन्धित बीआईएस मानकों एवं गुणवत्ता मानकों का भी प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को सम्बन्धित विभागों के साथ वर्कशॉप आयोजित किए जाने के साथ ही इस सम्बन्ध में एडवाइजरी भी जारी किए जाने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी खरीद में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। मुख्य सचिव ने बीआईएस को विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स के सम्बन्ध में जागरूकता और क्षमता निर्माण प...

Continue Reading
Slider

फल्दाकोट में विधिक सेवा केंद्र का शुभारंभ

फल्दाकोट में विधिक सेवा केंद्र का शुभारंभ, ग्रामीणों को मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता पौड़ी/07 अक्टूबर 2026: विकासखंड कोट के ग्राम फल्दाकोट में बुधवार को ग्रामीणों को सुलभ एवं निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विधिक सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध विधिक सेवाओं और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी के साथ जरूरत के अनुसार निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम ने ग्रामीणों को विधिक सेवा केंद्र के उद्देश्य और यहां उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के लिए विभि

Continue Reading
Slider

संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी पहल करने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में संस्कृत शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि आदर्श संस्कृत ग्रामों में केवल विशेष अवसरों तक गतिविधियां सीमित न रहें, बल्कि सालभर नियमित रूप से संस्कृत संभाषण एवं संस्कृत आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को संस्कृत भाषा के अध्ययन के साथ ही वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथों की अधिक से अधिक जानकारी दी जाए। इसके लिए बच्चों की आयु और रुचि के अनुरूप सरल एवं प्रभावी माध्यम विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है। बच्चों को संस्कारवान बनाने में भी संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका है...

Continue Reading
Slider

उत्तराखंड बना देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले नव-साक्षरों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों, विद्यार्थियों, नव-साक्षरों, स्वयंसेवकों और अभियान से जुड़े सभी लोगों की मेहनत एवं सामूहिक सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ क्षेत्रों वाले उत्तराखंड में पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य प्राप्त करना प्रदेशवासियों की दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक शक्ति का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा न...

Continue Reading
Slider

उत्तराखण्ड गो सेवा आयोग अध्यक्ष ने ली समीक्षा बैठक

पौड़ी/05 अक्टूबर 2026: उत्तराखण्ड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित डॉ. राजेंद्र अण्थवाल ने विकास भवन सभागार में जनपद में गोवंश संरक्षण एवं गौसदनों की व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौसदनों के लिए भूमि चयन की कार्यवाही 15 दिन के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही ग्राम्य गौसेवकों, गौसदनों को दिए जा रहे राजकीय अनुदान एवं भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गयी। अध्यक्ष ने गोवंश संरक्षण अधिनियम, 2007 की धारा 7 एवं 8 के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने गोवंश के जन्म-मरण की रिकॉर्डकीपिंग, डेयरियों का पंजीकरण एवं समय-समय पर उनकी जांच सुनिश्चित करने तथा गोवंश को निराश्रित छोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। जिन निकायों में गोवंश लिफ्टिंग वैन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को

Continue Reading