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सी0एम0ओ0 देहरादून ने की समीक्षा

जिला चिकित्सालय में संस्थागत प्रसव में आ रही कमी की सी0एम0ओ0 देहरादून ने की समीक्षा शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ0 संजय जैन जिला कोरोनेशन चिकित्सालय में एन0एच0एम0 से संबंधित समस्त कार्यों एवं लाभार्थीपरक योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गयी। जिसमें चिकित्सालय में संस्थागत प्रसव में आ रही कमी के कारणों पर चर्चा की गयी। सी.एम.ओ. द्वारा इस पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला चिकित्सालय को निर्देशित किया गया कि चिकित्सालय में संस्थागत प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़ी समस्त सेवाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु एन0एच0एम0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गयी तथा निर्देशित किया गया कि समस्त कार्य ससमय पूर्ण किये जायें। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एन.एच.एम. ड...

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कांवड़ यात्रा मार्ग वाले सभी जिले अपनी पुख्ता तैयारी अभी से कर लें

कांवड़ यात्रा को लेकर एसओपी भेजें जिलेः स्वरूप मानसून में संभावित आपदाओं के दृष्टिगत यूएसडीएमए में बैठक का आयोजन देहरादून। आगामी मानसून सीजन तथा कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं के दृष्टिगत उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में विभिन्न जनपदों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। शनिवार को आईटी पार्क स्थित यूएसडीएमए के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित वर्चुअल बैठक में आनंद स्वरूप ने मानसून सीजन और कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए सभी जनपदों से उनके स्तर पर की जा रही तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने हरिद्वार जिले से जल्द कार्ययोजना तथा एसओपी यूएसडीएमए तथा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के साथ साझा करने को कहा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान...

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Sliderउत्तराखंड

सहकारी संस्थाओं में महिलाओं को 33 % आरक्षण

उत्तराखंड की महिलाओं के लिए आज ऐतिहासिक दिन, महिलाओं के लिए सहकारी संस्थाओं, को-ऑपरेटिव बैंकों में 33 % आरक्षण की श्री पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट की मंजूरी! सहकारी संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने से उनके संचालन में और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी: डॉ. धन सिंह रावत सहकारिता मंत्री! एकलपरिवार का सहकारी संस्थाओ में नियंत्रण एवं भाई भतीजावाद का हुआ अंत, सबको मिलेगी संस्थाओं में अवसर की समानता : डॉ. धन सिंह रावत देहरादून, 22जून 2024! सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारिता में महिलाओं की भागीदारी को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके अनुसार, सहकारी संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने से उनके संचालन में और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं में एकल परिवारों के वर्चस्व की समस्या खत्म कर दी गई है। डॉ. रावत ने ...

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आयुक्त गढ़वाल द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में जनता दरबार लगाकर लोगो की समस्याओं को सुना गया

‘‘पौड़ी शहर के लोगों ने शहर में अतिक्रमण, पार्किग, शहर में आवारा पशु, पेयजल, कूड़ा निस्तारण, नशाखोरी और जिला चिकित्सालय की असंतोषजनक स्वस्थ्य सेवा संबंधी समस्याएं रखी’’ ‘‘दूरस्थ क्षेत्र के लोगों ने सड़क सुधारीकरण, सड़कों में सुगम जल निकासी हेतु नाली निर्माण व नाली सफाई, सड़क के पेंटिंग की खराब गुणवत्ता, जल जीवन मिशन के कार्यो की असंतोषजनक गुणवत्ता इत्यादि संबंधी समस्याएं सामने रखी’’ ‘‘जिला विकास प्राधिकरण में भवन निर्माण व इसकी स्वीकृति संबंधित सभी मामलों के त्वरित निराकरण हेतु 02 जुलाई को लगेगा जिला मुख्यालय में विशेष शिविर’’ ‘‘अयुक्त गढ़वाल ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों से समस्या निराकरण के तय की अवधि; साथ ही नियमित निगरानी और उसकी प्रगति आख्या प्रस्तुत करने के भी दिये निर्देश’’ ‘‘ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों को अपने- अपने क्षेत्र में बनें रहने के लिए डी0पी0आर0ओ0...

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Sliderहादसा

चिंता : बरसात की आहट ने फिर उड़ाई गीता इनक्लेव के लोगों की नींद, जान का बना जोखिम

- तमाम प्रयासों के बाद भी गीता इन्कलेव में जलभराव की समस्या से नहीं मिली निजात ः देहरादूनः मानसून फिर से लौटने को है, और इसी के साथ आपदा के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ गीता इनक्लेव के वासिंदों की चिंता भी फिर से बढ़ने लगी है। यहां लोग लंबे समय से जल भराव की समस्या के चलते बरसात के सीजन में जान का खतरा उठाते हैं। अनदेखी का आलम यह है कि इस खतरे को कम करने के यथोचित कदम अभी तक नहीं उठे। सरकार से लेकर शासन व निगम तक लगी फरियादें ठंडे बस्ते में हैं। बता दें कि राजधानी देहरादून के गीता इनक्लेव में बरसात के सीजन में सड़कें तालाब हो जाती हैं, आवाजाही ठप हो जाती है। जलभराव के करण करंट का खतरा अलग से बना रहता है। समाधान के लिए की गई जन शिकायतें हमेशा ही नक्कारखाने की तूती हो कर रह जाती हैं। यहां के वासिंदों के लिए अब ना तो मुख्यमंत्री हैल्प लाइन 1905 के मायने शेष बचे हैं और ना ही जिला प्रशासन...

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