Skip to content
Raath Samachar

Raath Samachar

Raath Samachar

Raath Samachar

  • राष्ट्रीय
  • उत्तराखंड
  • आंदोलन
  • खेल
  • पर्यटन
  • युवा जगत/ शिक्षा
  • राजनीति
  • हादसा
  • अपराध

  • राष्ट्रीय
  • उत्तराखंड
  • आंदोलन
  • खेल
  • पर्यटन
  • युवा जगत/ शिक्षा
  • राजनीति
  • हादसा
  • अपराध
Breaking News
  • किशोरी बालिकाओं का कलेक्ट्रेट एक्सपोज़र विज़िट, प्रशासनिक कार्यप्रणाली से रूबरू हुई
  • स्वास्थ्य विभाग में एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 48 पद सृजित
  • सूबे में सामूहिक खेती से आबाद हो रहे बंजर खेत
  • सड़क स्वीकृति पर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया
  • रेन बसेरों में आवश्यक रजाई-कंबल आदि की पुख़्ता व्यवस्था हो
  • “आपकी पूंजी आपका अधिकार” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय शिविर का आयोजन
  • शौर्य और बलिदान के लिए भारत का हर नागरिक गोरखा सैनिकों का आभारी – मुख्यमंत्री
  • जनजातीय समाज देश की विविधता की सबसे बड़ी ताकत – मुख्यमंत्री
  • एमडीडीए के माध्यम से मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा
Slider

त्रिभुवन सिंह चौहान लाजवाब फोटोग्राफर,कर्मठ ट्रैकर, कुशल समन्वयक एवं एक बेहतरीन इंसान!

Raath Samachar
February 21, 20220

त्रिभुवन सिंह चौहान
लाजवाब फोटोग्राफर,कर्मठ ट्रैकर, कुशल समन्वयक एवं एक बेहतरीन इंसान!
गंगा जमुनी तहज़ीब! अर्थात सनातन धर्म की पुख्ता नींव। इस नींव में मात्र इन नदियों का पानी ही नहीं है- इनके उच्च संस्कार भी हैं और इनकी आदर्श संस्कृति भी है। ठीक इन्हीं के समीप हमारी अल्प बुद्धि जिन्हें सदियों से बेडौल पत्थर मानकर चल रही है। वस्तुतः इस चराचर जगत में वे ही असली तपस्वी हैं और योग साधक भी वही हैं। ये साधना में इतने लीन हैं कि मां गंगा के आगे नतमस्तक होते-होते उनकी कमर झुक गई है। गौर करें! और फिर गिनकर देखें उनमें कितने हैं जिन्हें हमारे शिवालयों और देवालयों में जगह मिली है? लगता है असली साधक अभी भी यहीं हैं। लेकिन हमारी क्षुद्र बुद्धि देखिए वह इन्हें खोद खोदकर तोड़ रही है। और इन्हीं के बल पर भौतिकता की नींव रख रही है। किन्तु इन साधकों की उदात्त भावना देखिए कि भौतिकता के इन प्रहारों में एक पल के लिए भी इन्होंने मां गंगा की तपस्या नहीं छोड़ी है। जितनी बार मां गंगा इनको स्पर्श करती है उतने ही बार इनके कंठ से एक ही ध्वनि उच्चारित होती है- ऊं नमो भगवति हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे मां पावय पावय स्वाहाः अर्थात मुझे बार-बार मिल, पवित्र कर, पवित्र कर हे भगवति मां गंगे!
गंगा के इन्हीं आदर्श, संस्कारवान और महा योगियों महा तपस्वियों के बीच हाड़ मांस के भी कई हीरे हैं। लगता है ये हीरे भी कर्म साधना उन्हीं गंगा ऋषियों से सीखें हैं। अगर निश्छल हृदय से इस देवभूमि की रज माथे पर रगड़नी है तो इन बहुमूल्य रत्नों की पहचान भी बहुत जरूरी है। इन्हीं रत्नों में एक तपोनिष्ट हैं भाई त्रिभुवन सिंह चौहान! और गुणी जनों के मध्य पहचान लाजवाब फोटोग्राफर, कर्मठ ट्रैकर ,कुशल समन्वयक के साथ ही एक बेहतरीन इंसान!
ऋषिकेश स्थित गंगा के उत्तरी छोर पर त्रिमूर्ति दत्तात्रेय आश्रम के समीप है आपकी छोटी सी कला कुटीर। त्रिभुवन भाई से वहीं मुलाकात हुई। दुबला पतला लगभग पांच फिटा शरीर। देखकर जेहन में प्रश्न उठा, इतनी दुबली-पतली काया ट्रेकर के तौर पर पहाड़ पर कैसे चढ़ी होगी? लेकिन वार्तालाप के साथ धीरे-धीरे यह तथ्य भी साफ होता गया कि हुनर के पीछे उनकी प्रबल इच्छा शक्ति हर पल साथ रही। इसी प्रबल इच्छा शक्ति के बल पर यह दुबली-पतली काया जो एक बार पहाड़ के दुर्गम, पथरीले रास्तों पर बढ़ी तो फिर खतलिंग केदारनाथ, पिंडारी, कालिंदी, मिलम मुनस्यारी, हरकी दून, बाली पास, भावा पास, रूपिन पास, राजजात, पिन पार्वती ट्रेक, रूपकुंड ट्रेक को एक नहीं कई बार नापती ही चली गयी।
पूछा- जहन में पहले क्या बैठा- ट्रेकिंग या फोटोग्राफी?
सधा जवाब मिला- पहाड़ी हैं तो ट्रेकिंग तो खून में पहले से ही था। लेकिन जहां तक फोटोग्राफी की बात है उसकी शुरुआत बड़ी हतोत्साहित करने वाला रही। कैमरा खरीदने के लिए दस हजार की जरूरत थी। लोन के लिए बैंक से दरख्वास्त की। बैंक मैनेजर ने कहा आपके पास फोटोग्राफी का कोई प्रमाण पत्र या कोई अनुभव है? जवाब दिया- नहीं! उसने कहा- तब तो मैं तुम्हें लोन नहीं दे सकता! वसूली कैसे होगी? दुकान के लिए दे सकता हूं! दुकान खोल दो! – घर आया और एक दो दिन में पुराने मटीरियल के जंक जोड़ से एक काम दिखाऊ ढांचा खड़ा कर किया, तब जाकर बैंक से लोन पास हुआ। और, मेरे हाथ में पहला कैमरा आया। यूं समझ लीजिए कि कैमरा और ट्रेकिंग से ही ग्वालदम से बाहर गहराई से दुनिया देखने का मौका मिला। संघर्ष लगातार रहा, आज भी जारी है। लेकिन लौक डाउन ने तो कमर ही तोड़…
इतना कहते-कहते थाली से मुंह की ओर उठे कौर को रोककर सहधर्मिणी से पूछते हैं, बाबा जी ने…। उधर से जवाब मिला- बाबा जी खा चुके हैं! मैंने प्रश्न किया- बाबा कहां है? त्रिभुवन भाई की सहधर्मिणी ने सड़क के दूसरे छोर की मुंडेर पर बैठे बाबा जी की ओर दृष्टि डालकर कहा – वो सामने हैं! ये बाबा अनोखे हैं! कभी खाते हैं कभी नहीं खाते हैं। कभी सूखी रोटी, कभी मात्र चाय बनाने को कहते हैं। उनके लिए ना शब्द नहीं है। इसलिए इच्छा न होने पर भी अक्सर यहां बैठ जाते हैं। वैसे… ये त्रिभुवन जी की आदत है द्वार पर आये किसी को भी भूखा नहीं जाने देते हैं। धर्म परायण नगरी के ये संस्कार कहीं न कहीं त्रिभुवन भाई के रचना कर्म में भी देखने को मिलते हैं।
इसी बात से आगे थोड़ा बौद्धिक विमर्श पर त्रिभुवन भाई आगे जोड़ते हैं- भाई! मां गंगा में हर कोई राह तलाशते हैं। सुख सुविधाओं वाले भी – और दुखियारे भी। एक दिन यहीं सड़क पर था कि नीचे से किसी की आवाज सुनाई दी- अरे बचाओ! बचाओ! एक औरत ने अपनी बच्ची के साथ नदी में छलांग लगा दी है। इतना सुनते ही सीधे नदी की ओर दौड़ लगा दी। थोड़ी दूर तैरकर उस बेसुध बहन को ऊपर उठाते ही समीप एक नाव भी आ गई। नाव वालों ने बहन को धोती के छोर से थाम लिया। फिर एकदम ख्याल आया कि इस बहन की लड़की भी है। और जैसे ही मैंने उसकी खोज में वहां दुबारा डुबकी लगाई तो देखता हूं वह बच्ची अपनी मां के पांव से लिपटी हुई है। फौरन उसे भी बाहर खींचा। लड़की के नाक और पेट में पानी भर चुका था लेकिन प्रभु कृपा से सांस चल रही थी।
समय पर ट्रीटमेंट भी हुआ और दोनों की जान बच गई। भाई ! ऐसी ही कई घटनाओं का साक्षी हूं। दो तीन वर्ष पूर्व तक गंगा जी के आर पार तैर जाता था। अब उतनी सामर्थ्य नहीं है। लेकिन अभी भी जो बच्चे सैल्फी, मौज मस्ती के लिए नदी की ओर जाते हैं उन्हें आगाह कर देता हूं आगे न जाएं यहां नदी बहुत गहरी है!
वास्तव में नदी हो अथवा साहित्य, कला, संस्कृति उनमें गहरे तक पैठना हर किसी की सामर्थ्य में भी नहीं है। उनमें गहरे तक पैठने के लिए त्रिभुवन भाई सदृश्य दूरदर्शिता और प्रबल इच्छाशक्ति की जरूरत होती है।
लेकिन मात्र गहरे तक पैठना ही नहीं अपितु आम जनमानस के साथ भी समन्वय होना भी जरूरी है। इस दृष्टि से भी आप पीछे नहीं हैं। सर्विया मूल के लेखक, निर्माता, निर्देशक गोरान पाश्कलजिविक द्वारा निर्देशित एवं विक्टर बैनर्जी, राज जुत्सी, एस.पी.मंमगाई अभिनीत केदारनाथ त्रासदी तथा कई ज्वलंत मुद्दों पर आधारित मूवी देवभूमि लैंड आफ गॉड में लोकेशन कोआर्डिनेटर तथा विपुल मेहता निर्देशित गुजराती गोल्डन जुबली फिल्म चाल जीवि लाये में लाइन प्रोड्यूसर के रूप में आपकी भूमिका आपके इसी गुण को विस्तार देती हैं।
एक रचनाकार की रचनात्मकता दूसरे रचनाकार की दृष्टि में कितनी है? यह भी एक रचनाकार की गहराई मापने की महत्त्वपूर्ण कड़ी है। इसमें भी त्रिभुवन भाई पीछे नहीं हैं। ख्यातिनाम चित्रकार बी. मोहन की स्मृति में सर्वप्रथम फोटो प्रदर्शनी आपके सौजन्य से ही लगी है। कहते भी हैं- बी. मोहन! वे असली योगी थे। हमें उनके कार्य की उपेक्षा भी चिंतित करती है।
यह पूछने पर कि – अभी तक कितनी फोटो खींच चुके हैं?
कहते हैं- एक लाख से ऊपर फोटो खींच चुकी होंगी। शौक महंगा है लेकिन कमी नहीं की है। किन्तु स्कोप आज भी ज्यादा नहीं है। कुछ इधर-उधर मैगजीन्स में छपी हैं। पचास के करीब अल्मोड़ा पुस्तक भंडार ने खरीदी हैं। सूचना विभाग भी साल भर में कलेंडर हेतु दो चार छाप लेता है। वैसे सूचना विभाग से ज्यादा पर्यटन विभाग से संभावनाएं थी। लेकिन हमारे पास पर्यटन का अभी तक कोई सार्थक पैटर्न नहीं है। राजस्थान ने ढांणी के रूप में वहां के खान-पान और संस्कृति संरक्षण की जो चेन शुरू की है वह काबिले तारीफ है। वैसी ही कोशिश उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए जरूरी है। कला का क्षेत्र तो यहां और भी उपेक्षित ही है। संसाधन हैं लेकिन धन नहीं है।
महंगाई की मार इतनी कि कुछ फोटो अभी तक डिवलप ही नहीं की जा सकी हैं। कला दीर्घा में टंगी एक धुंधली फोटो भी इस बात की गवाही देती है। उस फोटो पर मेरी दृष्टि पड़ते ही त्रिभुवन भाई कहते हैं- श्ये भी कलर्ड फोटो ही थी। लेकिन…।श् – लेकिन यही कि समुचित रखरखाव के लिए प्रयाप्त धन ही नहीं है।
यकीनन त्रिभुवन भाई के संग्रह में यही एक अकेली धुंधली फोटो नहीं होगी- और भी कई होंगी। ऐसा नहीं कि संरक्षण, संवर्द्धन की कोशिश नहीं की होगी। किन्तु – व्यक्तिगत प्रयास की भी तो एक सीमा होती है। व्यक्तिगत प्रयास से आगे की संभावनाएं व्यवस्था की इच्छाशक्ति पर ही निर्भर होती हैं। देखते हैं व्यवस्था इस ओर कब सजग होती है।
त्रिभुवन भाई! आप कर्मयोगी हैं। मां गंगा भी आपके कर्म योग की साक्षी है। आप कर्म पथ पर यूं ही रत रहें! आप शतायु जिएं!

Previous Post

वेतन न मिलने पर रोडवेज कर्मियों का कार्य बहिस्कार जारी

Next Post

8 मार्च को पाबौ में होगा राठ महोत्सव

Related Articles

Sliderउत्तराखंड

देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून उत्तराखण्ड में: एसीएस

Slider

सीडीएस बिपिन रावत खेल स्टेडियम श्रीकोट गंगानाली में राज्य स्तरीय खेलकूद

Slider

गैर लाइसेंसी मीट बेचने पर 50 हजार का जुर्माना

Slider

चौबट्टाखाल में कई युवाओं ने ली कांग्रेस की सदस्यता

Slider

सेवाओं में सुधार तथा भिक्षावृत्ति रोकथाम हेतु डीएम के प्रयास सराहनीयः धन सिंह रावत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://raathsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

Recent Posts

  • किशोरी बालिकाओं का कलेक्ट्रेट एक्सपोज़र विज़िट, प्रशासनिक कार्यप्रणाली से रूबरू हुई November 28, 2025
  • स्वास्थ्य विभाग में एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 48 पद सृजित November 28, 2025
  • सूबे में सामूहिक खेती से आबाद हो रहे बंजर खेत November 28, 2025
  • सड़क स्वीकृति पर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया November 27, 2025
  • रेन बसेरों में आवश्यक रजाई-कंबल आदि की पुख़्ता व्यवस्था हो November 27, 2025
  • “आपकी पूंजी आपका अधिकार” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय शिविर का आयोजन November 26, 2025
  • शौर्य और बलिदान के लिए भारत का हर नागरिक गोरखा सैनिकों का आभारी – मुख्यमंत्री November 26, 2025
  • जनजातीय समाज देश की विविधता की सबसे बड़ी ताकत – मुख्यमंत्री November 25, 2025
  • एमडीडीए के माध्यम से मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा November 24, 2025
  • स्वास्थ्य विभाग में जल्द तैनात होंगे 24 विशेषज्ञ चिकित्सक : डॉ. धन सिंह रावत November 24, 2025
  • महिलाओं के हाथ में रहेगी 281 सहकारी समितियों की कमान November 23, 2025
  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी बड़ी राहत November 23, 2025
  • राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में  25.11.2025 November 22, 2025
  • ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से सम्मानित होंगे कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत November 21, 2025
  • जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार में 21 दिवसीय ई–कॉमर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न November 21, 2025
  • एपिड योजना की पहलः 22 नवंबर को 169 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण November 21, 2025
  • लखवाड़-व्यासी राज्य Priority Project : डीएम  November 21, 2025
  • 103 नर्सिंग अधिकारी व 30 डेंटल हाईजिनिस्ट के पदों पर निकली भर्ती November 20, 2025
  • जनभागीदारी से निखरता शहर का गौरव November 20, 2025
  • हम सबकी भूमिका है अत्यंत गहनः जिलाधिकारी November 20, 2025
  • पढाई पर आया संकट; डीएम ने दिलाया दाखिला November 18, 2025
  • स्व. साहित्यकार श्री शैलेश मटियानी को “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान–2025” November 17, 2025
  • राजकीय मेडिकल कॉलेजों को मिलेंगे 587 नये नर्सिंग अधिकारी November 17, 2025
  • व्यथित सुधा के गंभीर रोग से ग्रसित 2 वर्षीय बेटे अमन का अब हो रहा उपचार November 17, 2025
  • जिलाधिकारी द्वारा कोटद्वार बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा November 17, 2025
  • राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता के तीसरे दिन हुए चार मुकाबले November 16, 2025
  • आयुष्मान की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री दिए सख्त निर्देश November 15, 2025
  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित November 15, 2025
  • वंचित असहाय बालिका ही हमारे जीवन की वास्तविक नंदा-सुनंदा देवियांः डीएम November 14, 2025
  • उत्तराखंड सरकार जनजातीय संस्कृति-संवर्धन के लिए 50 लाख की वार्षिक : धामी November 14, 2025
  • देहरादून में भूकंप मॉकड्रिलः प्रशासन परखेगा अपनी तैयारी November 13, 2025
  • नशा मुक्त भारत अभियान का उत्सव 18 नवंबर को November 13, 2025
  • नशा मुक्ति हेल्पलाइन का हो व्यापक प्रचार-प्रसार -सीडीओ November 12, 2025
  • बुजुर्ग माता-पिता से डीएम को सुनवाई व्यथा November 12, 2025
  • उत्तराखण्ड द्वारा राज्य भर में हाई अलर्ट जारी November 11, 2025
  • मुख्यमंत्री धामी ने जनता मिलन कार्यक्रम में सुनी जन समस्याएं November 11, 2025
  • डीएम जनदर्शन, सुनवाई से लेकर समाधान तक; बढ़ती जन अपेक्षाएं; मौके पर ही निर्णय November 10, 2025
  • राज्य स्थापना के रजत जयंती: राज्यपाल ने रैतिक परेड की सलामी ली November 7, 2025
  • वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव में एकता और गर्व के सुरों से गूंज उठा पौड़ी November 7, 2025
  • राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर “अफसर बिटिया” कार्यक्रम का आयोजन November 7, 2025
  • कोलकाता में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बोले शिक्षा मंत्री November 7, 2025
  • मुख्यमंत्री धामी ने की सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ November 6, 2025
  • सूबे के राजकीय नर्सिंग कॉलेजों को मिली सात नई फैकल्टी November 6, 2025
  • एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावनाओं के अनुरूप आगे बढ़ा रहा है उत्तराखंड: महाराज November 6, 2025
  • 08 नवम्बर को कोटद्वार में लगेगा अवसरों का मेला November 6, 2025
  • मुख्यमंत्री धामी ने किया मुख्यमंत्री आवास में प्रवासी उत्तराखंडी अतिथियों का आत्मीय स्वागत November 5, 2025
  • राज्य स्थापना दिवस संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश November 5, 2025
  • गंगोत्री एनक्लेव वासियों ने डीएम सविन बंसल को किया सम्मानित November 5, 2025
  • चौखुटिया को मिली बड़ी सौगात November 4, 2025
  • प्रकृति के सान्निध्य में बच्चों ने समझा पक्षियों की पहचान करना November 3, 2025
  • एफआरआई देहरादून होगा रजत जयंती उत्सव का मुख्य कार्यक्रम November 3, 2025
  • पठन संस्कृति की दिशा में पौड़ी प्रशासन की पहल सराहनीय: वीरेंद्र November 3, 2025
  • राष्ट्रपति के अभिभाषण में निखरे महिला उत्थान के रंग November 3, 2025
  • शिक्षा में सुधार को कई योजनाएं लागू, छात्रवृत्तियों का भी मिला लाभ November 2, 2025
  • सहकारिता से आत्मनिर्भर भारत निर्माण का नया अध्याय लिख रहा उत्तराखण्ड : डॉ. धन सिंह रावत November 2, 2025
  • लोकपर्व इगास के अवसर पर कलाकारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात November 1, 2025
  • सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किया सैन्यधाम निर्माण कार्यों का निरीक्षण November 1, 2025
  • मुख्यमंत्री ने ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ मेगा लकी ड्रॉ का शुभारंभ किया October 31, 2025
  • मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, किया यूनिटी मार्च वॉकथॉन का शुभारंभ October 31, 2025
  • इंदिरा मार्केट व आढ़त बाजार के कार्यों में लायी जाए तेजीः मुख्य सचिव October 31, 2025
  • गंगा की निर्मलता एवं जन-जागरूकता के लिए ठोस कदम October 31, 2025
  • विदेश की धरती पर हुई शानदार पहल, नेट पर आएंगी गढ़वाली कुमाउनी जौनसारी October 31, 2025
  • “सोसायटी प्रमोशन ऑफ यूथ एण्ड मासेस’’ का डीएम ने किया चयन October 30, 2025
  • उत्तराखंड के खाते में जुड़ी एक और उपलब्धि October 29, 2025
  • आई.टी.बी.पी जवानों और स्थानीय नागरिकों से भेंट October 29, 2025
  • उत्तराखंड की रजत जयंती पर मा0 राष्ट्रपति और मा0 प्रधानमंत्री करेंगे शिरकत October 29, 2025
  • कोटद्वार में लोक सुनवाई/जन संवाद कार्यक्रम आयोजित October 28, 2025
  • लहराया शस्त्र; डीएम ने किया लाइसेंस निलम्बित October 28, 2025
  • चंद्रभागा नदी के लिए ₹174.70 लाख की परियोजना को भी हरी झंडी मिली October 28, 2025
  • लोगों की भावना के अनुरूप हो निर्माण कार्य” – मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी October 28, 2025
© 2021 All Rights Reserved. Raath Samachar