प्रधानमंत्री की वर्षा जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने की बड़ी पहल है वाटशेड यात्रा: महाराज जलागम मंत्री ने वाटरशेड यात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना देहरादून। जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों के सूखने से घरेलू उपभोग और सिंचाई के लिए पानी की लगातार कमी हो रही है। खेतों की उत्पादकता घटना भी पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन का एक बड़ा कारण रहा है। इन तमाम मामलों को देखते हुए राज्य सरकार जलागम क्षेत्र के आधार वर्षा जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। उक्त बात प्रदेश के जलागम, पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने निरंजनपुर स्थित एक होटल में मंगलवार को भूमि संसाधन विकास भारत सरकार के अंतर्गत संचालित हो रही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जलागम विकास 2.0 के माध्यम से राष्ट्रीय स्...
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया राष्ट्रीय मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ। मुख्यमंत्री ने चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह ने 38वें राष्ट्रीय खेल में वन चेतना केन्द्र, स्पोर्ट्स स्टेडियम, चकरपुर, खटीमा में मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत मलखंब प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर देश के कोने-कोने से पधारे सभी प्रतिभागियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि चकरपुर के इस नवनिर्मित स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत आयोजित इस मलखंभ प्रतियोगिता में सभी के बीच उपस्थित होकर उन्हें हर्ष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के ...
Continue Readingगुनाह सबके याद हैं, हंस कर मिलने को माफी मत समझना बुलंदियों के दौर में भी घन्ना भाई का जमीनी टच गजब का था। जीवन की संघर्ष भरी जर्नी में विपरीत लहरों का चीरता हुआ कला का यह महारथी आगे ही बढ़ता रहा। हर किसी को हंसाने वाला अगर कभी दर्द की बात करे तो यकीं नहीं होगा। लेकिन हास्य के इस समंदर की भी अपनी परेशानियां, अपनी परिस्थितियां और अपने प्रश्न रहे। हालांकि वह अपने दुखड़ों पर भी ठहाके लगवा देते थे। मुश्किलों को कैसे Let go करते हैं इसके वह बड़े उदाहरण हैं। वो कहते थे अन्न खाणा छां, घास नि खंदा रे, कु क्या बव्नू क्या कनु सब पता चा। भुला नेगी या दुन्यां महा जालिम चा, लेकिन सबु दगड़ा हंहदा खिल्दा हाथ जोड़ी रांण रे। घनानंद गगाड़िया उर्फ घन्ना भाई। यह शख्सियत अब हमारे बीच नहीं रही। देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में उन्होंने आज यानी मंगलवार की दोपहर को अंतिम सांस ली। हास्य और संस्कृति के क्षेत्र में उ...
Continue Readingआखिर डीएम ने फिर लिया जनभावना के पक्ष में सख्त डिसिजन, विवादित सुद्वोवाला वाईन एवं बीयर शॉप का लाइसेन्स निरस्त डीएम ने सख्त एक्शन की कार्यप्रणाली को रखा कायम, नियम 59 की विशेष शक्तियों किया इस्तेमाल दोनो पक्षों को सुनने के उपरांत सुनाया फैसला, लाइसेंस निरस्त के आदेश जारी पूर्व कई महीनों से धरने पर थे स्थानीय महिलाएं, बुजुर्ग स्वीकृत स्थान एवं वर्तमान परिस्थिति में विचलन की भी थी स्थिति शांति भंग एवं असुरक्षा की बनी रहती थी संभावना। देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल ने विदेशी मदिरा व वाइन के फुटकर विक्री के लिए निर्गत प्रीमियम रिटेल वैण्डस शॉपिग मॉल्स / डिपार्टमेन्टल स्टोर लाईसेन्स संख्या- 84/2024-25 25-10-2024 जो ए-3 चकराता रोड़, सुद्धोवाला में स्थित Your Daily Basket Departmental Store, देहरादून का लाइसेन्स को आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 34 एवं 59 में प्रदान की
Continue Readingअवस्थापना सुविधाओं की तारीफ, संवारने पर जोर राष्ट्रीय खेलों में शामिल मेहमान खिलाड़ी, कोच का सकारात्मक दृष्टिकोण खेल भूमि बनने के लिए उत्तराखंड ने लगा दी है लंबी छलांग 38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड में विकसित की गई अवस्थापना सुविधा की सराहना हो रही है। खिलाड़ी हों या उनके कोच, खेलों के लिए तैयार किए गए बुनियादी ढांचे को बेहतरीन बता रहे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि राष्ट्रीय खेलों के बाद इसे संवारने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनका यह भी मानना है कि राष्ट्रीय खेलों के लिए बेहतर इंतजाम कर उत्तराखंड ने खेल भूमि बनने की दिशा में लंबी छलांग लगा दी है। राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड में 28 जनवरी से शुरू हुआ है। इस महा आयोजन की तैयारी के लिए उत्तराखंड को बहुत कम समय मिला, लेकिन फिर भी बेहतर व्यवस्थाएं बना ली गईं। कुल 35 खेलों के लिए देहरादून समेत हरिद्वार, हल्द्वा...
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