परिस्थितियों से वीरान बचपन; जरूरतमंद असहायों के अधिकारों के संरक्षण को दृढ़ संकल्प डीएम सविन ; शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ता सड़क पर बिखरा बचपन पारिवारिक परिस्थितियों से दुकान पर काम करने को मजबूर 2 बेटियां अब अपने शिक्षा के पंखों से भर सकेंगी भविष्य की उड़ान जिला प्रशासन का इंटेंसिव केयर सेंटर बना रेस्क्यू बच्चों के लिए संजीवनी। मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों के लिए वरदान बना जिला प्रशासन का आधुनिक इंटेंसिवकेयर सेंटर देहरादून: बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के अंतर्गत रेस्क्यू किए गए बच्चों के पुनर्वास एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रशासन का आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC) एक प्रभावी और मानवीय पहल के रूप में सामने आया है। यह केंद्र परिस्थितियों से वीरान हो चुके बचप...
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शीतलहरी रात्रि में अचानक शहर के चौक-चौराहों पर पंहुच डीएम ने देखी अलाव व्यवस्था, रेनबसेरों में रहने वालों का जाना हाल रेन बसेरा में रहने वाले लोगों का जाना हाल; नगर निगम को सफाई व्यवस्था, गर्म पानी, बिस्तर स्वच्छ रखने के निर्देश नगर निगम तहसील प्रशासन को प्रतिदिन अलाव प्वांईट की मय फोटो सूचना प्रस्तुत करने के निर्देश देहरादून, राजधानी देहरादून में लगातार हो रही बारिश एवं बढ़ती ठंड को दृष्टिगत रखते हुए शीतलहरी में रात्रि में जिलाधिकारी सविन बसंल शहर के चौक चौराहों पर पंहुच अलाव व्यवस्था देखी तथा इस दौरान उन्होंने रेनबसेरों में रहने वालों का हाल जाना तथा नगर निगम एवं तहसील प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी सविन बंसल ने देहरादून में देर सांय चौक चौराहों पर अलाव व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए रैन बसेरों में रह रहे असहाय एवं जरूरतमंद लोगों का हाल चाल जाना। जिलाधिकारी
Continue Readingदेहरादून के केदारपुरम क्षेत्र में स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन बाहर से भले ही एक साधारण परिसर प्रतीत होता हो, लेकिन इसके भीतर कदम रखते ही यह एहसास गहराने लगता है कि यह स्थान केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि टूटे विश्वासों को संजोने, बिखरी ज़िंदगियों को सहारा देने और नई शुरुआत का साहस जगाने की एक जीवंत कोशिश है। यहाँ हर चेहरा एक कहानी कहता है-किसी की आँखों में छूटा हुआ बचपन है, किसी की खामोशी में पीड़ा की टीस, तो किसी की मुस्कान में नए जीवन की उम्मीद। यह वह सुरक्षित आश्रय है, जहाँ परित्यक्त और बेसहारा महिलाओं तथा अनाथ बच्चों को सिर्फ छत नहीं मिलती, बल्कि अपनापन, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का हक़ मिलता है। नारी निकेतन की हर सुबह यह भरोसा लेकर आती है कि अंधेरे के बाद रोशनी अवश्य आती है और हर जीवन दोबारा संवर सकता है। माननीय मुख्यमंत्री की प्रेरणा और द...
Continue Readingदेहरादून:देश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत बुधवार को चकराता ब्लॉक की सुदूरवर्ती क्षेत्र राजकीय इंटर कॉलेज कथियान में उप जिलाधिकारी प्रेम लाल की अध्यक्षता में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया तथा विभागीय योजनाओं के माध्यम से 1086 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया। उप जिलाधिकारी ने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को इन शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं से मौके पर ही लाभान्वित किया जाए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका प्राथमिकता पर निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों पर शिविर में ही लोगों के सभी जरूरी प्रमाण पत्र भी बनाए जा रहे हैं। शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 29 शिकायतें दर्ज कराई गईं...
Continue Readingजन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बना जनसेवा का सशक्त माध्यम, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 3.22 लाख से अधिक नागरिकों को मिला सीधा लाभ उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से शिकायत निस्तारण, सेवा वितरण और योजनाओं का अभूतपूर्व क्रियान्वयन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित जनसेवा का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सभी 13 जनपदों में लगातार जनसेवा शिविरों का आयोजन कर आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके द्वार पर सुनिश्चित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत आज 19 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में कुल 395 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 3 लाख 22 हजार 585 से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया। इन शिविरो...
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