पंजीकरण कर ही चारधाम यात्रा पर आएं श्रद्धालु, मौसम अनुकूल और व्यवस्थाएं पूरी: गढ़वाल मंडलायुक्त
हर पड़ाव पर स्वास्थ्य, पेयजल, पार्किंग और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध
चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम
पौड़ी: गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड के चारधामों केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित हेमकुंड साहिब यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। वर्तमान में मौसम अनुकूल है तथा यात्रा मार्गों पर किसी प्रकार की विशेष बाधा नहीं है। उन्होंने देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा पर आने से पूर्व अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण अवश्य कराएं, जिससे यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाया जा सके।
मंडलायुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था के साथ विभिन्न स्थानों पर सात पंजीकरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। पंजीकरण के माध्यम से यात्रियों की बेहतर निगरानी, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल चारधाम यात्रा का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध अनेक पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का प्रदेश है। श्रद्धालु चारधाम एवं हेमकुंड साहिब के अतिरिक्त अन्य प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण कर सकते हैं, जहां प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गयी हैं।
मंडलायुक्त ने यात्रियों से अपील की कि वे जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और एडवाइजरी का पालन करें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थान पर मौसम प्रतिकूल होने अथवा मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी गयी हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर पार्किंग, स्वास्थ्य शिविर, पेयजल, शौचालय तथा ठहरने की समुचित सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त धामों तक जाने वाले पैदल मार्गों एवं प्रमुख पार्किंग स्थलों पर भी स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गयी हैं।
मंडलायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुखद अनुभव बने। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से संयम, अनुशासन और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए यात्रा करने का आग्रह किया।


