देहरादून में जल्द बनेगा बाल पुर्नवास केंद्र, प्रक्रिया तेज
जिला प्रशासन की पहल लाई रंग, रायवाला में 30 बेडड नशा मुक्ति केंद्र से 06 मरीज स्वस्थ, 14 का उपचार जारी
देहरादून, जिले में नशीली दवाओं व अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और नशे के बढ़ते प्रचलन को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जन-जागरूकता से लेकर कानूनी कार्रवाई तक के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मादक पदार्थों की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शिक्षण संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान निरंतर और बहुआयामी रूप से जारी रहे।
अपर जिलाधिकारी ने विद्यालयों के आसपास और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने और हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोर्टल तथा जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन 9625777399 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। ताकि नशे की समस्या से जूझ रहे लोग समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
युवाओं में केमिकल नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह समाज के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। जिसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि विभाग सहित सभी एजेंसियों को एकजुट होकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


