मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी होंगीं समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रत्येक वर्ष स्टेट क्रेडिट सेमिनार का आयोजन किया जाता है। इस सेमिनार में नाबार्ड द्वारा तैयार स्टेट फोकस पेपर 2025-26 पर चर्चा होती है। स्टेट फोकस पर राज्य के प्रत्येक जिले के लिए तैयार की गई संभावित ऋण योजना को समावेश कर बनाया जाता है और आगामी वर्ष के लिए राज्य में ऋण संभाव्यता का आंकलन किया जाता है। स्टेट फोकस पेपर में मौजूदा संसाधन उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं और आगामी बुनियादी सुविधाओं हेतु योजनाएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था के वृहद स्तर के संकेतक राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न गतिमान योजनाओं, पहले से चल रही विकासात्मक गतिविधियाँ और मौजूदा नीतिगत ढाँचे को शामिल किया जाता है। नाबार्ड का स्टेट फोकस पेपर बैंकों द्वारा तैयार की जाने वाली वार्षिक ऋण योजना के लिए ...
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सूबे में सरकार ने घोषित किये 13 आदर्श संस्कृत ग्राम गांवों में गूंजेगी वेद, पुराणों और उपनिषदों की ऋचाएं देहरादून, उत्तराखंड में देववाणी संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन के लिये राज्य सरकार ने 13 आदर्श संस्कृत ग्राम घोषित कर दिये हैं। प्रत्येक जनपद में घोषित इन संस्कृत गांवों में सभी कामकाज और बोलचाल देववाणी संस्कृत में होंगे। इसके लिये सरकार द्वारा संस्कृत प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। जिससे प्रदेश की दूसरी राजभाषा का व्यापक विकास होगा और राज्य में संस्कृत के गौरव को पुनर्स्थापित किया जायेगा। उत्तराखंड के गांवों में अब देववाणी संस्कृत की गूंज सुनाई देगी। इन गांवों में सूचना और प्रतीक चिन्ह संस्कृत भाषा में उकेरे मिलेंगे और स्थानीय लोग आपसी वार्तालाप से लेकर सभी कामकाज संस्कृत में करते नजर आयेंगे। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी 13 जनपदों में एक-एक आदर्श संस्कृत ग्राम घोषित कर दिये ह...
Continue Readingप्रधानमंत्री की वर्षा जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने की बड़ी पहल है वाटशेड यात्रा: महाराज जलागम मंत्री ने वाटरशेड यात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना देहरादून। जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों के सूखने से घरेलू उपभोग और सिंचाई के लिए पानी की लगातार कमी हो रही है। खेतों की उत्पादकता घटना भी पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन का एक बड़ा कारण रहा है। इन तमाम मामलों को देखते हुए राज्य सरकार जलागम क्षेत्र के आधार वर्षा जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। उक्त बात प्रदेश के जलागम, पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने निरंजनपुर स्थित एक होटल में मंगलवार को भूमि संसाधन विकास भारत सरकार के अंतर्गत संचालित हो रही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जलागम विकास 2.0 के माध्यम से राष्ट्रीय स्...
Continue Readingमुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया राष्ट्रीय मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ। मुख्यमंत्री ने चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह ने 38वें राष्ट्रीय खेल में वन चेतना केन्द्र, स्पोर्ट्स स्टेडियम, चकरपुर, खटीमा में मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत मलखंब प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर देश के कोने-कोने से पधारे सभी प्रतिभागियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि चकरपुर के इस नवनिर्मित स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत आयोजित इस मलखंभ प्रतियोगिता में सभी के बीच उपस्थित होकर उन्हें हर्ष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के ...
Continue Readingगुनाह सबके याद हैं, हंस कर मिलने को माफी मत समझना बुलंदियों के दौर में भी घन्ना भाई का जमीनी टच गजब का था। जीवन की संघर्ष भरी जर्नी में विपरीत लहरों का चीरता हुआ कला का यह महारथी आगे ही बढ़ता रहा। हर किसी को हंसाने वाला अगर कभी दर्द की बात करे तो यकीं नहीं होगा। लेकिन हास्य के इस समंदर की भी अपनी परेशानियां, अपनी परिस्थितियां और अपने प्रश्न रहे। हालांकि वह अपने दुखड़ों पर भी ठहाके लगवा देते थे। मुश्किलों को कैसे Let go करते हैं इसके वह बड़े उदाहरण हैं। वो कहते थे अन्न खाणा छां, घास नि खंदा रे, कु क्या बव्नू क्या कनु सब पता चा। भुला नेगी या दुन्यां महा जालिम चा, लेकिन सबु दगड़ा हंहदा खिल्दा हाथ जोड़ी रांण रे। घनानंद गगाड़िया उर्फ घन्ना भाई। यह शख्सियत अब हमारे बीच नहीं रही। देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में उन्होंने आज यानी मंगलवार की दोपहर को अंतिम सांस ली। हास्य और संस्कृति के क्षेत्र में उ...
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