लगातार बारिश पर जिलाधिकारी का त्वरित एक्शन, आपदा परिचालन केंद्र से संभाली कमान
सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश, सड़क, बिजली, पेयजल और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की पल-पल की समीक्षा
बारिश के बीच मुख्यालय में जलभराव वाले क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण
सूचना/पौड़ी/09 जुलाई 2026:
जनपद में लगातार हो रही वर्षा और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए जनपद मुख्यालय स्थित आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार तथा राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की प्रतिक्रिया तत्काल और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सूचना के आदान-प्रदान से लेकर राहत कार्यों तक किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपजिलाधिकारियों से सीधे संवाद कर प्रत्येक तहसील में वर्षा की स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों तथा राहत एवं बचाव तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे स्वयं फील्ड में सक्रिय रहकर स्थिति की लगातार निगरानी करें तथा राजस्व, ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य, कृषि, लोक निर्माण, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीमों को भी क्षेत्र में सक्रिय रखें। उन्होंने विशेष रूप से सभी राजस्व उपनिरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने तथा किसी भी घटना की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान एसडीएम थलीसैंण ने बताया कि कुछ स्थानों पर वर्षा का प्रभाव देखा गया है, जहां प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं अथवा उनके लिए खतरा उत्पन्न हो गया है, वहां प्रभावित परिवारों को तत्काल पूर्व चिन्हित राहत केंद्रों में सुरक्षित स्थानांतरित किया जाए तथा आवश्यकतानुसार राहत सामग्री भी उपलब्ध करायी जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिन मोटर मार्गों पर भूस्खलन, मलबा अथवा अन्य कारणों से दुर्घटना की आशंका हो, वहां यातायात डायवर्ट किया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि मार्गों को सुरक्षित घोषित किए बिना यातायात प्रारंभ न किया जाए। साथ ही आंशिक क्षति वाले मामलों में नियमानुसार राहत एवं मुआवजा प्रक्रिया भी तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
एसडीएम श्रीनगर ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए यातायात रोका गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर यातायात रोकने का निर्णय बिना विलंब लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी यात्रियों को रोका जाए, वहां भोजन, पेयजल, शौचालय एवं ठहरने जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं यमकेश्वर एसडीएम ने नीलकंठ यात्रा मार्ग पर लगातार मलबा आने के कारण यात्रा को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किए जाने की जानकारी दी।


